कोसा सिल्क साड़ी (Kosa Saree) छत्तीसगढ़ की एक बेहद खास और शानदार हथकरघा कला है, जो अपने प्राकृतिक सुनहरे टोन (golden hue), टसर सिल्क की बनावट और हल्के वज़न के लिए प्रसिद्ध है। अर्जुन, साजा या साल के पेड़ों पर पाए जाने वाले जंगली कोकून से निर्मित, ये साड़ियाँ अपनी टिकाऊपन, सांस लेने योग्य (breathable) प्रकृति और पारंपरिक देवांगन समुदाय द्वारा की जाने वाली अनूठी जाला बुनाई के लिए जानी जाती हैं।





Reviews
There are no reviews yet.